aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "rocking"
लब-ए-ईसा की जुम्बिश करती है गहवारा-जुम्बानीक़यामत कुश्त-ए-लाल-ए-बुताँ का ख़्वाब-ए-संगीं है
रिश्ते के उलझे धागों को धीरे धीरे खोल रही हैबिटिया कुछ कुछ बोल रही है पूरे घर में डोल रही है
समुंदर फिर हिलोरे लेगा तहज़ीब-ओ-तमद्दुन काज़रा देखो तो 'आजिज़' शामिल-ए-उर्दू-ज़बाँ कर के
वो माँ है आब-ए-रवाँ की तभी समुंदर कोउठा के गोद में झूला झुला रही थी हवा
ऐ मिरे होंटों की लज़्ज़त शाख़ को बोझल न करइक हिलोरे में शजर से टूट कर झोली में आ
वो शाहज़ादी इसी वास्ते सँभलती रहीकि बीच राह में पाँव थे डोलने वाले
क्यों नाख़ुदा को क़ादिर-ए-तूफ़ाँ समझ लियाये क्या करेगा नाव अगर डोलने लगे
वो शख़्स इतना ही प्यासा भी होगा अंदर सेहिलोरे ले तो रहा है समुंदरों की तरह
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