aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "surgery"
नहीं ज़रीया-ए-राहत जराहत-ए-पैकाँवो ज़ख़्म-ए-तेग़ है जिस को कि दिल-कुशा कहिए
दिलों को जराहत का लुत्फ़ आ गयालगे हैं कुछ ऐसे निशाने तिरे
वो कहीं सामने आ जाए तो क्या हो 'जव्वाद'याद ही उस की अगर सीना-शिगाफ़ी है मुझे
हर ख़राश-ए-जबीं जराहत हैनाख़ुन-ए-शौक़ का हुनर देखो
न पूछ नुस्ख़ा-ए-मरहम जराहत-ए-दिल काकि उस में रेज़ा-ए-अल्मास जुज़्व-ए-आज़म है
शैख़ साहब जराहत-ए-दिल काआप के पास कोई मरहम है
चाहें गर चारा जराहत का मोहब्बत वालेबेचें अल्मास ओ नमक संग-ए-जराहत वाले
है जराहत का मिरी सौदा-ए-अल्मास इलाजफ़ाएदा उस को कभी संग-ए-जराहत न करे
अभी दिल पर जराहत सौ न दो सौधरा है दोस्तो मरहम अभी से
गर तीर लगावेगा पैहम वो निगह के तोमैं उस की जराहत को हँस हँस के उठा लूँगा
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