aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "tape"
वो बात बात पे जी भर के बोलने वालाउलझ के रह गया डोरी को खोलने वाला
कभी भोर समय मिरे हाथ पे बाँधतिरे हाथ पे लिपटी डोरी सजन
अपना टेप बजा कर कव्वा सुनता हैसब को अपनी बोली अच्छी लगती है
किसी की याद है उलझी हुई साँसों की डोरी सेकिसी के हिज्र में है अर्सा-ए-फ़रियाद में रहना
चाँद ने बाँधी थी डोरी ग़ैर सेऔर हम मोती पिरोते रह गए
वो अपनी उम्र को पहले पिरो लेता है डोरी मेंफिर उस के बाद गिनती उम्र की दिन रात करता है
घर के माँझे की डोरी छत पतंग और बच्चाअब कहाँ ये मिलते हैं चरखियों के पहलू में
साँस डोरी को तिरे हाथ से यूँ बाँध लियातू ने जब हाथ छुड़ाना है तो मर जाना है
कहाँ तलक है उस का ताना-बाना ये मालूम नहींसाँस की इस उलझी डोरी को किस ने सुलझाया लोगो
चल नहीं सकता हमारा तौसन-ए-उम्र-ए-रवाँबाढ़ के डोरी का क़ातिल ताज़ियाना चाहिए
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