aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "un"
दिल-ए-ज़ूद-रंज न कर गिला किसी गर्म ओ सर्द रक़ीब कारुख़-ए-ना-सज़ा तो है रू-ब-रू पस-ए-ना-सज़ा कोई और है
गिले बहुत थे मगर जब नज़र नज़र से मिली!न मुझ से बात हुई और न उन से बात हुई
नेक इरादों के संग-रेज़ों परशाह-राह-ए-गुनाह है प्यारे
तुम हुस्न-ए-मुजस्सम हो बिला-शिरकत-ए-ग़ैरेना-क़ाबिल-ए-तक़्सीम ख़ज़ाना है तुम्हारा
दिल पे थी सब्त जो तहरीर मिटाई न गईकिस की तस्वीर थी तस्वीर भुलाई न गई
मसलकी झगड़े फ़ुरूई ये मसाइल को लिएआग आलिम ही लगाते हैं ये जाहिल के सिवा
जिधर के हो उधर के हो रहो दिल से तो बेहतर हैकि लोटा बे-तली का हो तो टोंटी टूट जाती है
ख़ुदा ने जान छुड़वाई 'शरफ़' वो ख़ुद बिगड़ बैठाहक़ीक़त में अजब माशूक़-ए-जाहिल हम भी रखते थे
मिरे अंदर है अन-प्यासा किनारामिरे अतराफ़ इक दरिया रवाँ है
रग-ए-हर-लफ़्ज़ से रिसते हुए ख़ूँ से घबरा करमैं जो ख़ामोश रहा सब ने कहा ''तू जाहिल है''
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
Online Treasure of Sufi and Sant Poetry
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books