aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "white"
हमेशा रंग-ए-ज़माना बदलता रहता हैसफ़ेद रंग हैं आख़िर सियाह मू करते
बहुत से उजले उजले फूल ले करकोई तुम से मिला था याद होगा
उफ़ वो मरमर से तराशा हुआ शफ़्फ़ाफ़ बदनदेखने वाले उसे ताज-महल कहते हैं
अजीब रंग था मज्लिस का ख़ूब महफ़िल थीसफ़ेद पोश उठे काएँ काएँ करने लगे
सफ़ेद रूमाल जब कबूतर नहीं बना तो वो शो'बदा-बाज़पलटने वालों से कह रहा था रुको ख़ुदा की क़सम बनेगा
चाँदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बालइक तू ही धनवान है गोरी बाक़ी सब कंगाल
अपने भी ख़फ़ा मुझ से हैं बेगाने भी ना-ख़ुशमैं ज़हर-ए-हलाहल को कभी कह न सका क़ंद
रहे हैं और हैं फ़िरऔन मेरी घात में अब तकमगर क्या ग़म कि मेरी आस्तीं में है यद-ए-बैज़ा
जनाब देखा सरापा गुलाब मरमर काअभी ये शे'र थे शे'रों में चाँद उतरा कभी
हथेली रेशमी नाज़ुक मलाई नर्म लतीफ़हसीन मरमरीं संदल सफ़ेद दूध धुली
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