आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "Dhol"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "Dhol"
नज़्म
मुफ़्लिसी
पैसा कहाँ जो जा के वो लावे जहेज़ मोल
जोरू का वो गला कि फूटा हो जैसे ढोल
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
अफ़्रीक़ा कम-बैक
आ जाओ ने सुन ली तिरे ढोल की तरंग
आ जाओ मस्त हो गई मेरे लहू की ताल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "Dhol"
विषय
धूल
धूल शायरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
Dhol
ढोल ڈھول
पीटकर बजाया जाने वाला एक प्रकार का लंबोतरा बाजा जिसके दोनों ओर चमड़ा मढ़ा होता है। मुहा०-(किसी बात का) ढोल पीटना या बजाना-कोई बात खुले आम सबसे कहते फिरना, बड़ी ढोलक, मृदंग
khol
खोल کھول
कुछ विशिष्ट प्रकार के कीड़े-मकोड़ों का वह ऊपरी प्राकृतिक आवरण जिसके अंदर वे रहते हैं। जैसे-घोंघे, सीपी आदि का खोल।
अन्य परिणाम "Dhol"
नज़्म
झोंपड़ा
इस में ही बाजे और नक़ारे-ओ-ढोल हैं
शा-झोंपड़ा भी इस में ही करते कलोल हैं
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
आप कैसे हँसते हैं
कोई हँसे तो घुंघरू बाजें कोई हँसे तो ढोल
एक हँसी है सीधी-साधी एक हँसी में झोल
रईस फ़रोग़
ग़ज़ल
देखा मैं साथ ढोल के सूली पर उन का सर
फ़ख़्रिय्या वो जो फिरते थे तब्ल-ओ-अलम के साथ
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
ग़ज़ल
भूकी नंगी जनता कब तक पेट का ढोल बजाएगी
बोलो बाबू कुछ तो बोलो क्या रक्खा है नारों में
