आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "anjuman-e-KHaas"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "anjuman-e-KHaas"
ग़ज़ल
इस ज़वाल-ए-अंजुमन में 'आरज़ू' तू ही बता
किस को कह दूँ बज़्म-आराई किसे आवाज़ दूँ
अन्जुमन मंसूरी आरज़ू
अन्य परिणाम "anjuman-e-KHaas"
ग़ज़ल
कोई बादा-कश जिसे मय-कशी का तरीक़-ए-ख़ास न आ सका
ग़म-ए-ज़िंदगी की कशा-कशों से कभी नजात न पा सका
नरेश एम. ए
नज़्म
अजब है खेल कैरम का
लो उस की शर्त भी सुन लो कि
कनीज़-ए-ख़ास को ले कर ही रानी आप की होगी
इब्न-ए-मुफ़्ती
ग़ज़ल
ख़ार-ओ-ख़स-ओ-ख़ाशाक तो जानें एक तुझी को ख़बर न मिले
ऐ गुल-ए-ख़ूबी हम तो 'अबस बदनाम हुए गुलज़ार के बीच