आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "as.haab-e-manzil"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "as.haab-e-manzil"
ग़ज़ल
ग़म-ए-दौराँ की रही या ग़म-ए-जानाँ की रही
अल-ग़रज़ छेड़ रही मंज़िल-ए-नाकाम के साथ
मंज़िल लोहाठेरी
समस्त
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "as.haab-e-manzil"
अन्य परिणाम "as.haab-e-manzil"
नज़्म
अहल-ए-जुनूँ
अपने ही नक़्श-ए-क़दम संग-ए-निशान-ए-मंज़िल
अपने ही दम से बसीरत है ये बीनाई है
नूर-ए-शमा नूर
ग़ज़ल
सुलाये रक्खा हमें भी फ़रेब-ए-मंज़िल ने
चले थे हम भी किसी हम-रकाब-ए-ख़्वाब के साथ
बद्र-ए-आलम ख़लिश
नज़्म
उजाले की लकीर
वक़्त की गर्द छटेगी तो ब-उनवान-ए-सहर
मंज़िल-ए-शौक़ की राहों का तअ'य्युन होगा