आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ba-hazaar"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "ba-hazaar"
ग़ज़ल
ब-हज़ार सरफ़रोशी वो नज़र निभा रहा हूँ
मुझे ये नहीं गवारा कि हो ख़्वाब-ए-ग़म परेशाँ
नाज़िश सह्सहरामी
ग़ज़ल
ब-हज़ार कोशिश-ओ-जुस्तुजू मिरा ज़ख़्म-ए-दिल न हुआ रफ़ू
लगे लाख मरहम-ए-रंग-ओ-बू न भरा गया न सिया गया
मोहम्मद अमीर आज़म क़ुरैशी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "ba-hazaar"
ग़ज़ल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
ब-हज़ार दानिश-ओ-आगही मिरी मस्लहत है अभी यही
मैं असीर-ए-ज़ुल्मत-ए-शब सही मिरी दस्तरस में सहर भी है
सुरूर बाराबंकवी
ग़ज़ल
ब-हज़ार दानिश-ओ-आगही मिरी मस्लहत है अभी यही
मैं 'सुरूर'-ए-रहरव-ए-शब सही मिरी दस्तरस में सहर भी है
सुरूर बाराबंकवी
नज़्म
ख़रोश-ए-ख़ुम
तमाम-उम्र दिल-ए-ख़ुद-निगर की नज़्र हुई
अधूरे ख़्वाब हैं दामन में तिश्ना-लब बातें
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
ग़ज़ल
मिली जो मंज़िल-ए-इम्काँ ब-जुस्तुजू-ए-हज़ार
अजीब नश्शा सफ़र-दर-सफ़र तकान में था
नसीम मुज़फ्फ़रपुरी
ग़ज़ल
अगरचे दिल को ले साथ अपने आया अश्क मिरा
निगाह में तिरी हरगिज़ न भाया अश्क मिरा