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ग़ज़ल
हमारी ख़ाक-ए-अफ़्सुर्दा सर-ए-कू-ए-बुताँ रख दी
कहाँ की चीज़ थी तू ने कहाँ ऐ आसमाँ रख दी
मुसव्विर करंजवी
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रेख़्ता शब्दकोश
kaaT kii haa.nDii ek daf'a cha.Dhtii hai do baar nahii.n cha.Dhtii
काट की हाँडी एक दफ़'अ चढ़ती है दो बार नहीं चढ़तीکاٹ کی ہانْڈی ایک دَفْعَہ چَڑْھتی ہے دو بار نَہِیں چَڑْھتی
कमज़ोर चीज़ बार बार काम नहीं देती, दग़ा फ़रेब हर बार कारगर नहीं होता, मकर और धोका हमेशा कामयाब नहीं होता
kaaT kii haa.nDiyaa ek daf'a cha.Dhtii hai baar baar nahii.n cha.Dhtii
काट की हँडिया एक दफ़'अ चढ़ती है बार बार नहीं चढ़तीکاٹ کی ہَنْڈیا ایک دَفْعَہ چَڑْھتی ہے بار بار نَہِیں چَڑْھتی
कमज़ोर चीज़ बार बार काम नहीं देती, दग़ा फ़रेब हर बार कारगर नहीं होता, मकर और धोका हमेशा कामयाब नहीं होता
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ग़ज़ल
ख़्वाहिशों से बर-सर-ए-पैकार हो जाना पड़ा
ख़ुद ही दिल की राह में दीवार हो जाना पड़ा