आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "fariyaad-e-diraa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "fariyaad-e-diraa"
ग़ज़ल
मेरे नालों से लरज़ता था कभी चर्ख़-ए-कुहन
अब तो फ़रियाद-ओ-फ़ुग़ाँ करने की ताक़त भी नहीं
नरेश एम. ए
ग़ज़ल
बुलबुल न बाज़ आइयो फ़रियाद-ओ-आह से
कब तक न होगी क़ल्ब-ए-गुल-ए-तर को इत्तिलाअ
परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़
अन्य परिणाम "fariyaad-e-diraa"
ग़ज़ल
हर चीज़ की गिरानी ने वीरान कर दिया
सर्फ़-ए-ख़िज़ाँ है हिन्द का गुलज़ार आज-कल
परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़
नज़्म
वालिदा मरहूमा की याद में
क़ाफ़िले में ग़ैर फ़रियाद-ए-दिरा कुछ भी नहीं
इक मता-ए-दीदा-ए-तर के सिवा कुछ भी नहीं
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
वफ़ा-ए-दिलबराँ है इत्तिफ़ाक़ी वर्ना ऐ हमदम
असर फ़रियाद-ए-दिल-हा-ए-हज़ीं का किस ने देखा है
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
त'आवुन भी मिला फ़रियाद-ओ-आह-ओ-अश्क-बारी का
मगर यूँही किया हर मरहला तय बे-क़रारी का