आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jaa.n-soz"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "jaa.n-soz"
ग़ज़ल
करम काफ़ी था तेरे 'सोज़' के बर्बाद करने को
सितम के हाथ में तलवार क्यूँ ए जान-ए-जाँ रख दी
कान्ती मोहन सोज़
ग़ज़ल
फिर रग-शो'ला-ए-जाँ-सोज़ में नश्तर गुज़रा
नाला क्यूँ आबला-ए-दिल से उलझ कर गुज़रा
अब्दुल हादी वफ़ा
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
sau jaan se
सौ जान से سَو جان سے
दिल और जान से, हर तरह से, बहुत ज़्यादा, पूरी तवज्जो के साथ, इच्छा की पूर्णता के साथ, पूरे ध्यान के साथ
अन्य परिणाम "jaa.n-soz"
ग़ज़ल
फिर किसी मंज़िल-ए-जाँ-सोज़ की जानिब हैं रवाँ
चोब-ए-सहरा की तरह अहल-ए-सफ़र जलते हैं
अबु मोहम्मद सहर
ग़ज़ल
जान जाती है मिरी उन को ख़बर कुछ भी नहीं
तुझ में ओ नाला-ए-जाँ-सोज़ असर कुछ भी नहीं
मुंशी शिव परशाद वहबी
ग़ज़ल
न रहम तेरे दिल-ए-सख़्त में है ग़ैर-अज़-ज़ुल्म
न मेरे नाला-ए-जाँ-सोज़ में असर ऐ यार