आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "khanke"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "khanke"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "khanke"
ग़ज़ल
साग़र खनके मयख़ाने में रात ढली अब लुत्फ़ आया है
ऐसे में ऐ साक़ी-ए-महफ़िल शैख़ का आना खुल जाएगा
सोज़ सिकन्दरपुरी
ग़ज़ल
फ़ज़ा-ए-गुल्सिताँ से दिल अगर बेगाना हो जाए
हर इक गुल ख़ार सा खनके चमन वीराना हो जाए
मुख़्तार आशिक़ी जौनपुरी
ग़ज़ल
चश्म-ए-तमन्ना के कासे में खनके इस्म-ए-दिल-आवेज़
दीद के सिक्के नज़्र गुज़ारो हम भी हैं नादार बहुत
अमीर हम्ज़ा साक़िब
ग़ज़ल
कहाँ मय-ख़ाने का दरवाज़ा 'ग़ालिब' और कहाँ वाइ'ज़
पर इतना जानते हैं कल वो जाता था कि हम निकले
मिर्ज़ा ग़ालिब
नज़्म
व-यबक़ा-वज्ह-ओ-रब्बिक (हम देखेंगे)
और राज करेगी ख़ल्क़-ए-ख़ुदा
जो मैं भी हूँ और तुम भी हो



