आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "khauf-e-khudaa"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "khauf-e-khudaa"
ग़ज़ल
हवस मिटती नहीं ख़ौफ़-ए-ख़ुदा पामाल रखता है
अजब सरकश है दिल मेरा कि हस्ब-ए-हाल रखता है
सिद्दीक़ मुजीबी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
na KHudaa kaa KHauf aur na rasuul kii sharm
न ख़ुदा का ख़ौफ़ और न रसूल की शर्मنَہ خُدا کا خَوف اور نَہ رَسُول کی شَرم
इंतिहाई ढीट, बदकार-ओ-बेहिस हो जाने वाले के मुताल्लिक़ कहते हैं
na KHudaa kaa KHauf aur na rasuul se sharm
न ख़ुदा का ख़ौफ़ और न रसूल से शर्मنَہ خُدا کا خَوف اور نَہ رَسُول سے شَرم
इंतिहाई ढीट, बदकार-ओ-बेहिस हो जाने वाले के मुताल्लिक़ कहते हैं
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "khauf-e-khudaa"
अन्य परिणाम "khauf-e-khudaa"
ग़ज़ल
'असग़र' की कुछ न पूछो मय-ख़ाना में पड़ा है
इस बंदा-ए-ख़ुदा को ख़ौफ़-ए-ख़ुदा नहीं है
असग़र निज़ामी
ग़ज़ल
साहिब-ए-सिद्क़ हूँ मैं ख़ौफ़-ए-ख़ुदा रखता हूँ
अपने होंटों पे सदा हक़ की सदा रखता हूँ
शौक़ जालंधरी
ग़ज़ल
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शेर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
दिल में शर्मिंदा हैं एहसास-ए-ख़ता रखते हैं
हम गुनहगार हैं पर ख़ौफ़-ए-ख़ुदा रखते हैं