आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "kushta-e-haal"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "kushta-e-haal"
समस्त
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "kushta-e-haal"
अन्य परिणाम "kushta-e-haal"
ग़ज़ल
बद्र-ए-आलम ख़लिश
ग़ज़ल
नहीं अच्छा ज़बान-ए-हाल से आह-ओ-बुका टपकें
अभी माज़ी के लब पर ही है कुछ शोर-ए-फ़ुग़ाँ बाक़ी
रुख़्साना निकहत लारी उम्म-ए-हानी
ग़ज़ल
अगर ज़बाँ से बयाँ हाल-ए-ग़म न हो पाया
हुज़ूर-ए-दोस्त मिरी ख़ामुशी ने साथ दिया
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
नरेश एम. ए
ग़ज़ल
कोई बादा-कश जिसे मय-कशी का तरीक़-ए-ख़ास न आ सका
ग़म-ए-ज़िंदगी की कशा-कशों से कभी नजात न पा सका
नरेश एम. ए
ग़ज़ल
इल्म-ओ-हुनर है मुल्क को दरकार आज-कल
हम ख़ुद भले-बुरे के हैं मुख़्तार आज-कल