aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "kuu-e-yaar"
छेड़ा ही क्यों हवा-ए-रह-ए-कू-ए-यार नेअंधेर कर दिया मिरी मुश्त-ए-ग़ुबार ने
किस शान से गए हैं शहीदान-ए-कू-ए-यारक़ातिल भी हाथ उठा के शरीक-ए-दुआ हुए
कभी इधर जो सग-ए-कू-ए-यार आ निकलागुमाँ हुआ मिरे वीराने में हुमा निकला
आलम-ए-कू-ए-यार बाक़ी हैआशिक़ों का दयार बाक़ी है
नसीम-ए-कू-ए-यार आए न आएख़ुदा जाने बहार आए न आए
कू-ए-यारکُوئے یار
यार (प्रियतम/प्रियतमा) की गली
सर-ए-मूسَرِ مُو
(in neg.) slight, little
मू-ए-सरمُوئے سَر
सर के बाल
जू-ए-बारجُوئے بَار
नहरों से मिल कर बनने वाली नहर, बड़ी नहर, नहर
Ba-Ku-e-Yar
सरवर तोनस्वी
स्केच / ख़ाका
Dyar-e-Yar Ki Baat
लुत्फुल्लाह खां नज़्मी
काव्य संग्रह
Yaad Nama
ख़्वाजा अहमद फ़ारूक़ी
Gard Rah-e-Yar
मलीह बद्र
जीवनी
Yaad-e-Khuban Ki Jhalkiyan
शाइरी
Bahadur Yaar Jang Mushahir-e-Watan Ki Nazar Mein
नजीरुद्दीन अहमद
Siyahat-e-Mumalik-e-Islamiya
शाहिद हुसैन रज़्ज़ाक़ी
Sayahat-e-Mumalik-e-Islamia Nawab Bahadur Yaar Jung Ka Roznamcha
Yaad-e-Khuban Ki Jhalkiyan Ali Sarwar Ke Do Sau Sher
ख़ुर्शीद जुनैदी
Bahadur Yar Jung
Murattib-e-Hyderabad Namah Ka Tarruf
जीवन यार जंग
Bahadur Yaar Jung
Yad-e-Jameel
इम्तियाज़ अहमद
यारो कू-ए-यार की बातें करेंफिर गुल ओ गुलज़ार की बातें करें
ऐ कू-ए-यार तेरे ज़माने गुज़र गएजो अपने घर से आए थे वो अपने घर गए
जा कहे कू-ए-यार में कोईमर गया इंतिज़ार में कोई
उक्ता के कू-ए-यार से उश्शाक़ चल पड़ेकार-ए-वफ़ा के देखिए मुश्ताक़ चल पड़े
दिल पुकारा फँस के कू-ए-यार मेंरोक रक्खा है मुझे गुलज़ार में
पामाल हो के भी न उठा कू-ए-यार सेमैं उस गली में साया-ए-दीवार हो गया
पहुँचा मैं कू-ए-यार में जब सर लिए हुएनाज़ुक बदन निकल पड़े पत्थर लिए हुए
आँखों से कू-ए-यार का मंज़र नहीं गयाहालाँकि दस बरस से मैं उस घर नहीं गया
न कू-ए-यार में ठहरा न अंजुमन में रहाअदा-ए-नाज़ से ये दिल सरा-ए-फ़न में रहा
मर कर भी है तलाश मुझे कू-ए-यार कीमिट्टी ख़राब क्यों न हो मेरे ग़ुबार की
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