आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "lapak"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "lapak"
नज़्म
दर्द आएगा दबे पाँव
शोला-ए-दर्द जो पहलू में लपक उट्ठेगा
दिल की दीवार पे हर नक़्श दमक उट्ठेगा
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
ख़ून फिर ख़ून है
महमिल-ए-मज्लिस-ए-अक़्वाम की लैला से कहो
ख़ून दीवाना है दामन पे लपक सकता है
साहिर लुधियानवी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
Tapak
टपक ٹَپَک
टपकने की क्रिया या भाव, टपकन, जलन और फड़कन, तपक, रुक-रुक कर तेज़ होने वाली टीस या पीड़ा, किसी चीज के ऊपर से गिरने पर होने वाला टपटप शब्द, बूँदों के टपकने या गिरने की ध्वनि, पेड़ आदि से फल के गिराने की क्रिया
अन्य परिणाम "lapak"
नज़्म
मिरे अहद के हसीनो
जिन्हें कमसिनों ने चाहा कि लपक के प्यार कर लें
जिन्हें महवशों ने माँगा कि गले का हार कर लें
साहिर लुधियानवी
नअत
इक़बाल अज़ीम
नज़्म
अन-कही
वो छलकते हुए साग़र सी जवानी वो बदन
जैसे शो'ला सा निगाहों में लपक कर रह जाए
हिमायत अली शाएर
नज़्म
इक़बाल
ये गीत मिस्ल-ए-शोला-ए-जव्वाला तुंद-ओ-तेज़
इस की लपक से बाद-ए-फ़ना का जिगर गुदाज़
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
परछाइयाँ
ये चाँदनी ये हवाएँ ये शाख़-ए-गुल की लचक
ये दौर-ए-बादा ये साज़-ए-ख़मोश फ़ितरत के
फ़िराक़ गोरखपुरी
ग़ज़ल
शोला-ए-ग़म की लपक और मिरा नाज़ुक सा मिज़ाज
मुझ को फ़ितरत के रवय्ये पे हँसी आती है
अब्दुल हमीद अदम
ग़ज़ल
लपक के मुझ को गले लगाया ख़ुदा की रहमत ने रोज़-ए-महशर
अभी सुनाया था मोहतसिब ने मिरे गुनह का हिसाब आधा