आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "mausam-e-qafas"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "mausam-e-qafas"
ग़ज़ल
इस क़दर मज़बूत मौसम पर रही किस की गिरफ़्त
मैं कि मुझ से सीना-ए-आब-ओ-हवा रौशन हुआ
फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी
अन्य परिणाम "mausam-e-qafas"
ग़ज़ल
सर के ऊपर ख़ाक उड़ी तो सब दिल थाम के बैठ गए
ख़बर नहीं थी गुज़र चुका है मौसम अब्र-ए-नवाज़िश का
बद्र-ए-आलम ख़लिश
ग़ज़ल
उन से बहार ओ बाग़ की बातें कर के जी को दुखाना क्या
जिन को एक ज़माना गुज़रा कुंज-ए-क़फ़स में राम हुए
इब्न-ए-इंशा
ग़ज़ल
रिहा करता है सय्याद-ए-सितमगर मौसम-ए-गुल में
असीरान-ए-क़फ़स लो तुम से अब रुख़्सत हमारी है
भारतेंदु हरिश्चंद्र
ग़ज़ल
मुज़्दा ऐ यास कि याँ कुंज-ए-क़फ़स के क़ैदी
यक-ब-यक मौसम-ए-परवाज़ में मर जाते हैं