आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "muu-e-tan"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "muu-e-tan"
ग़ज़ल
सौदा जो 'सब्र' मुझ को है मिज़्गान-ए-यार का
नश्तर ही बन गए हैं मिरे मू-ए-तन तमाम
अबुल बक़ा सब्र सहारनपुरी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "muu-e-tan"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
man-o-maa
मन-ओ-माمَن و ما
رک : ما و من جو زیادہ مستعمل ہے ۔
tac-au-tac
tac-au-tactac-au-tac
शमशीरज़नी: वार ख़ाली देने के साथ साथ वार करना, तुर्की बह तुर्की।
naqsh-maa-o-man
नक़्श-मा-ओ-मनنَقْش ما و مَن
आत्म-पूजा और आत्म-प्रशंसा का प्रतीक, घमंड और अहंकार का प्रतीक
अन्य परिणाम "muu-e-tan"
ग़ज़ल
इतने पर भी ज़ात-ए-वाहिद से हैं ग़ाफ़िल नाक़िसाँ
खिंच रहा है मू-ए-तन से तन पे सर-ता-पा अलिफ़
जोशिश अज़ीमाबादी
ग़ज़ल
न होती दिल में काविश गर किसी की नोक-ए-मिज़्गाँ की
तो क्यूँ हक़ में मिरे हर मू-ए-तन मिस्ल-ए-सिनाँ होता
शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
ग़ज़ल
तअज्जुब कुछ नहीं है गर वफ़ूर-ए-सोज़-ए-फ़ुर्क़त से
मिरा हर मू-ए-तन मिन्क़ार-ए-मौसीक़ार बन जाए
हबीब मूसवी
नज़्म
रामायण का एक सीन
चेहरे का रंग हालत-ए-दिल खोलने लगा
हर मू-ए-तन ज़बाँ की तरह बोलने लगा