आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "paikar-e-abr"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "paikar-e-abr"
नज़्म
हुस्न-ए-क़ुबूल
गरज रहा है सियह मस्त पील पैकर-ए-अब्र
उदास कोह की चोटी पे एक तन्हा पेड़
तसद्द्क़ हुसैन ख़ालिद
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
bar-sar-e-paikaar
बर-सर-ए-पैकार بَر سَرِ پَیکار
दुश्मनी, शत्रुता, नुकसान पहुचना या जंग आदि के लिए तैयार, कुशल, सुशिक्षित, निपुण
jo tuu hii raaja huvaa apnaa sukh mat Thaan, phikar aur phakiir ke dukh sukh par kar dhyaan
जो तू ही राजा हुआ अपना सुख मत ठान, फिकर और फकीर के दुख सुख पर कर ध्यान جو تُو ہی راجہ ہُوا اپنا سکھ مت ٹھان، پھکر اور پھکیر کے دکھ سکھ پر کر دھیان
अगर तू राजा बने तो र'ईयत अर्थात सभी प्राणियों की भलाई का ख़्याल रख
अन्य परिणाम "paikar-e-abr"
ग़ज़ल
ढला दिन और मिरे दिल की बढ़ीं बेचैनियाँ 'पैकर'
जिगर को थाम लेता हूँ मैं दर्द-ए-शाम से पहले
पैकर जाफरी
ग़ज़ल
दामन पे गिर रहे हैं ऐ 'अब्र' अश्क-ए-रंगीं
लिखता हूँ ख़ून-ए-दिल से अफ़्साना ज़िंदगी का
अब्र अहसनी गुन्नौरी
ग़ज़ल
खड़ा है 'अब्र' दर पर कुछ नहीं देते न दो लेकिन
नहीं दिल तोड़ते अरबाब-ए-हिम्मत अपने साइल का
अब्र अहसनी गुन्नौरी
ग़ज़ल
हसरत जो आ गई वो निकल ही नहीं सकी
वा हो सके जो 'अब्र' वो ज़िंदाँ नहीं हैं हम
अब्र अहसनी गुन्नौरी
ग़ज़ल
कौन अब कश्मकश-ए-ज़ीस्त से दे मुझ को नजात
कर चुका है मिरा क़ातिल नज़र-अंदाज़ मुझे
अब्र अहसनी गुन्नौरी
ग़ज़ल
'अब्र' मैं क्या कह सकूँगा उन से हाल-ए-दर्द-ए-दिल
जो ज़बाँ से लफ़्ज़ निकलेगा फ़ुग़ाँ हो जाएगा
अब्र अहसनी गुन्नौरी
ग़ज़ल
दुनिया हो 'अब्र' या वो अदम हो कि बज़्म-ए-हश्र
उन की ही जुस्तुजू में रहे हम जहाँ रहे
अब्र अहसनी गुन्नौरी
ग़ज़ल
वही अज़़कार-ए-हवादिस वही ग़म के क़िस्से
'अब्र' क्या इस के सिवा है तिरे अफ़्सानों में