aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "parveen-shakir"
परवीन शाकिर
1952 - 1994
शायर
परवेज़ साहिर
अंजुमन परवाना-ए-शब्बीर, हैदराबाद
पर्काशक
जानमुझे अफ़्सोस है
मुझे मत बतानाकि तुम ने मुझे छोड़ने का इरादा किया था
नन्ही लड़कीसाहिल के इतने नज़दीक
वही नर्म लहजाजो इतना मुलाएम है जैसे
तुम्हारा कहना हैतुम मुझे बे-पनाह शिद्दत से चाहते हो
पाकिस्तान की सबसे लोकप्रिय शायरात में शामिल। स्त्रियों की भावनओं को आवाज़ देने के लिए मशहूर
Parveen Shakir
साहिल अहमद
Khushboo
Khud Kalami
ग़ज़ल
काव्य संग्रह
फ़रहत यासमीन
Kaf-e-Aaina
Kulliyat-e-Parveen Shakir
कुल्लियात
Inkar
कविता
Parveen Shakir ki Shayari
मोहम्मद तंवीर
आलोचना
Sad Barg
Sessions of Sweet Silent Thought
मिर्ज़ा नेहाल अहमद बेग
संकलन
Maah-e-Tamam
Mah-e-Tamam
Urdu Shairi Meer Se Parveen Shakir Tak
क़ाज़ी मुश्ताक़ अहमद
भाषा एवं साहित्य
पूरा दुख और आधा चाँदहिज्र की शब और ऐसा चाँद
बारहा तेरा इंतिज़ार कियाअपने ख़्वाबों में इक दुल्हन की तरह
राय पहले से बना ली तू नेदिल में अब हम तिरे घर क्या करते
इतने घने बादल के पीछेकितना तन्हा होगा चाँद
लड़की!ये लम्हे बादल हैं
मैं ने सारी उम्रकिसी मंदिर में क़दम नहीं रक्खा
शब वही लेकिन सितारा और हैअब सफ़र का इस्तिआरा और है
गुलाबी पाँव मिरे चम्पई बनाने कोकिसी ने सहन में मेहंदी की बाड़ उगाई हो
घर आप ही जगमगा उठेगादहलीज़ पे इक क़दम बहुत है
गुड़िया सी ये लड़कीजिस की उजली हँसी से
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