आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "rozan o dar sahil ahmad ebooks"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "rozan o dar sahil ahmad ebooks"
ग़ज़ल
साफ़ बे-पर्दा नहीं होता वो ग़ुर्फ़ा में न हो
रौज़न-ए-दर से कभी आँख लड़ाए तो सही
शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
ग़ज़ल
तंज़ीम-ए-दहर की तो सही ख़ैर-ओ-शर के साथ
लेकिन ख़ता-ओ-सहव लगा कर बशर के साथ
इफ़्तिख़ार अहमद सिद्दीक़ी
अन्य परिणाम "rozan o dar sahil ahmad ebooks"
ग़ज़ल
फ़ुग़ान-ए-दर्द में भी दर्द की ख़लिश ही नहीं
दिलों में आग लगी है मगर तपिश ही नहीं