आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ruuh-e-ravaa.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "ruuh-e-ravaa.n"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
ruuh-e-ravaa.n honaa
रूह-ए-रवाँ होना رُوحِ رَواں ہونا
रूह का चला जाना, मर जाना
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "ruuh-e-ravaa.n"
अन्य परिणाम "ruuh-e-ravaa.n"
नज़्म
बस्ती की लड़कियों के नाम
चल ऐ नसीम-ए-सहरा रूह-ओ-रवान-ए-सहरा
मेरा पयाम ले जा सू-ए-बुतान-ए-सहरा
अख़्तर शीरानी
ग़ज़ल
रौनक़ ही नहीं उस की हम रूह-ओ-रवाँ भी हैं
लेकिन हमें दुनिया की ख़ातिर पे गराँ भी हैं
अख्तर लख़नवी
शेर
जिस्म ने रूह-ए-रवाँ से ये कहा तुर्बत में
अब मुझे छोड़ के तन्हा तू कहाँ जाती है
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
नज़्म
आफ़्ताब
वो आफ़्ताब जिस से ज़माने में नूर है
दिल है ख़िरद है रूह-ए-रवाँ है शुऊर है
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
मोहब्बत का रग-ओ-पै में मिरी रूह-ए-रवाँ होना
मुबारक हर नफ़स को इक हयात-ए-जावेदाँ होना
अलीम अख़्तर मुज़फ़्फ़र नगरी
ग़ज़ल
किसी बर्क़-ए-तजल्ली पर ज़रा सा ग़ौर कर लेना
अगर ये जानना हो आलम-ए-रूह-ए-रवाँ क्या था
जगत मोहन लाल रवाँ
नज़्म
इजाज़त हो तो तुम को प्यार कर लूँ
बस ऐ रूह-ए-रवान-ए-शौक़-ए-'अफ़ज़ल'
इजाज़त हो तो तुम को प्यार कर लूँ
अफ़ज़ल पेशावरी
क़ितआ
वज्ह-ए-सुकून-ए-क़ल्ब-ए-ज़ार है ये ख़याल ऐ 'रवाँ'
वो न मिले नहीं सही मिलने का आसरा तो है
जगत मोहन लाल रवाँ
नज़्म
बातूनी मियाँ
हैं हक़ीक़त में मिरे क़स्बे के वो रूह-ए-रवाँ
देख कर बच्चे उन्हें कहते हैं ऐ बुद्धू मियाँ
शबनम कमाली
ग़ज़ल
मैं कब हूँ ये मिरा तन-ए-बे-जाँ हज़र में है
रूह-ए-रवान-ए-क़ालिब-ए-तन तो सफ़र में है