aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "sa.ng-e-marmar"
सुनो ना संग-ए-मरमर की ये मीनारेंकुछ भी नहीं हैं आगे तुम्हारेआज से दिल पे मिरे राज तुम्हारा ताज तुम्हारा
संग-ए-मरमर की ख़ुनुक बाँहों मेंहुस्न-ए-ख़्वाबीदा के आगे मिरी आँखें शल हैंगुंग सदियों के तनाज़ुर में कोई बोलता हैवक़्त जज़्बे के तराज़ू पे ज़र-ओ-सीम-ओ-जवाहिर की तड़प तौलता है!
ये ताज ताज-महल इश्क़ की बदौलत हैवगर्ना ये तो फ़क़त क़स्र-ए-संग-ए-मरमर था
क़र्तबा तो बना नहीं सकतादिल बनाता हूँ संग-ए-मरमर से
जिस्म कोई जुदा नहीं मिलताजिस्म हैं सारे संग-ए-मरमर से
संग-ए-मरमरسَن٘گِ مَرْمَر
एक मशहूर पत्थर, श्वेत, चमकीला और कथूर पत्थर, सफ़ेद रंग का एक प्रसिद्ध मुलायम पत्थर, एक प्रकार का चिकना पत्थर
संग-ए-मरमर वो कैसे बन सकताफ़ितरतन जो सियाह था पत्थर
संग-ए-मरमर के बेल बूटों परफूल आने की बात करते हो
शाह ने बाग़ में उगाए हैंसंग-ए-मरमर के तीन चार दरख़्त
संग-ए-मरमर में दिल धड़कता हैताज कहने को एक इमारत है
इक मोहब्बत की ये मोहब्बत थीबन गया ताज संग-ए-मरमर का
संग-ए-मरमर की तेरी मूरत नेपहलू क्या क्या निकाल रक्खे हैं
फूल बन कर दिखा ज़माने कोसंग-ए-मरमर न संग-ए-ख़ारा बन
शीश-महलों की नुमाइश है 'अज़ीज़'संग-ए-मरमर का ख़ुदा ख़ैर करे
ये मिरा दिल है संग-ए-मरमर साचाँदनी बन के तुम बिखर जाना
अब परिंदों का वहाँ क्या आशियाँसंग-ए-मरमर के जहाँ घर बन गए
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