आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sar-phiro.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sar-phiro.n"
ग़ज़ल
सच की क़ीमत कुछ नहीं है झूट के बाज़ार में
अक़्ल की वक़अत कहाँ है सर-फिरों के शहर में
ज़ुबैर फ़ारूक़
ग़ज़ल
तुम ऐसे सर-फिरों की जुस्तुजू है तौक़-ए-आहन को
बुलाती है तुम्हें ज़ंजीर-ए-ज़िंदाँ आओ दीवानो
कृष्ण गोपाल मग़मूम
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
firoz-asar
फ़िरोज़-असर فِیروز اَثَر
رک : فیروز بخت.
fiqro.n par cha.Dhnaa
फ़िक़रों पर चढ़ना فِقْروں پَر چَڑْھنا
किसी की बातों से धोका खाना, बातों के फ़ीरब में आजाना
pairo.n me.n sar denaa
पैरों में सर देना پیروں میں سر دینا
किसी के पैरों पर अपना सर रखना, ख़ुशामद करना
pairo.n par sar rakhnaa
पैरों पर सर रखना پَیروں پَر سَر رَکْھنا
अत्यधिक विनती करना, बहुत ज़्यादा ख़ुशामद करना, बहुत ज़्यादा चापलूसी करना
अन्य परिणाम "sar-phiro.n"
ग़ज़ल
सुब्ह को शब कह देते हैं हम सच को झूट बताते हैं
हम जैसे सर-फिरों से तो नाराज़ ज़माना होगा ही
कुमार पाशी
ग़ज़ल
कि जैसे मुझ को चढ़ाया गया है सूली पर
कि जैसे मैं भी बड़े ऊँचे सर-फिरों में हूँ
मोहम्मद अहमद रम्ज़
नज़्म
दो-आबा बस्त जालंधर
उफ़ वो मेले चौकियों के उफ़ वो मीठी बोलियाँ
याद हैं अब तक मुझे वो सर-फिरों की टोलियाँ
अर्श मलसियानी
नज़्म
रौशनी की हुकूमत
ऐ आइनों के शह्र की मख़्लूक़ देखना
अब सर-फिरों के रक़्स में शिद्दत भी आएगी
बेदिल हैदरी
ग़ज़ल
हो फ़र्श तपती रेत का या मख़मली लिबास हो
कि सर-फिरों के वास्ते ये दश्त क्या मकान क्या
रासिख़ शाहिद
ग़ज़ल
हम ऐसे सर-फिरों को काम क्या है मर्ग ओ हस्ती से
ये सब है शोख़ी-ए-नाज़-ए-मसीहाई समझते हैं