आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shaa.ista-e-rafuu"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "shaa.ista-e-rafuu"
अन्य परिणाम "shaa.ista-e-rafuu"
ग़ज़ल
हुस्न शाइस्ता-ए-तहज़ीब-ए-अलम है शायद
ग़म-ज़दा लगती हैं क्यूँ चाँदनी रातें अक्सर
जाँ निसार अख़्तर
ग़ज़ल
दिल को शाइस्ता-ए-एहसास-ए-तमन्ना न करें
आप इस अंदाज़-ए-नज़र से मुझे देखा न करें
अलीम अख़्तर मुज़फ़्फ़र नगरी
ग़ज़ल
है दिल में हुज़ूरी की तमन्ना तो जबीं को
शाइस्ता-ए-आदाब-ए-हरम करते रहेंगे
सय्यद मुज़फ़्फ़र अहमद ज़िया
ग़ज़ल
कुछ तो इरशाद हो ऐ तम्किनत-ए-आन-ए-जमाल
'इश्क़ शाइस्ता-ए-तहज़ीब-ए-जुनूँ है कि नहीं
रविश सिद्दीक़ी
ग़ज़ल
वो दिल जो कुश्ता-ए-ग़म-ए-सूद-ओ-ज़ियाँ न था
शाइस्ता-ए-नवाज़िश-ए-दौर-ए-जहाँ न था
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
ग़ज़ल
कौन कहता मुझे शाइस्ता-ए-तहज़ीब-ए-जुनूँ
मैं तिरी ज़ुल्फ़-ए-परेशाँ को अगर छेड़ न दूँ