आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shaan-e-dil"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "shaan-e-dil"
ग़ज़ल
शान-ए-हैरत है कि जिस को संग कह देते हैं लोग
फिर वही दिल टूटने पर आइना कहलाए है
सय्यदा शान-ए-मेराज
नज़्म
गुलहा-ए-अक़ीदत
गुल से अपनी निस्बत-ए-देरीना की खा कर क़सम
अहल-ए-दिल को इश्क़ के अंदाज़ समझाने लगीं
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
कितने अज़ीज़ हैं ये मसीहा को क्या ख़बर
वो ज़ख़्म-ए-दिल जो लज़्ज़त-ए-आज़ार तक गए
सय्यदा शान-ए-मेराज
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
shah-e-dii.n
शह-ए-दीं شَہِ دِیں
دین کا بادشاہ ؛ مراد : امام حسین علیہ السلام .
chashm-e-maa-raushan dil-e-maa-shaad
चश्म-ए-मा-रौशन दिल-ए-मा-शाद چَشْمِ ما رَوشَن دِلِ ما شاد
आँख हमारी रौशन दिल हमारा प्रसन्न
din kaa bhuulaa shaam ko ghar aa jaa.e to use bhuulaa nahii.n kahte
दिन का भूला शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते دِن کا بُھولا شام کو گَھر آ جائے تو اُسے بُھولا نَہِیں کَہْتے
ग़लती का जल्द तदराक कर लिया जाये तो क़ाबिल माफ़ी है, जल्द इस्लाह कर लेना क़ाबिल मज़म्मत नहीं
अन्य परिणाम "shaan-e-dil"
नज़्म
सुब्ह-ए-शब-ए-इंतिज़ार
चराग़ राह में उस के अमल से जलने लगे
लो आज सुब्ह-ए-शब-ए-इंतिज़ार आ ही गई
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
'शान' अब हम को तो अक्सर शब-ए-तन्हाई में
नींद आती नहीं और ख़्वाब नज़र आते हैं
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
'शान' बे-सम्त न कर दे तुम्हें सहरा-ए-हयात
ज़ेहन में उन के नुक़ूश-ए-कफ़-ए-पा रहने दो
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
बे-अमल लोगों से जब पूछो तो कहते हैं की 'शान'
हम अज़ल से क़िस्मत-ए-नाकाम ले कर आए हैं
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
कोई भी क़ैद-ए-मुसलसल मिरी क़िस्मत में न थी
मेरे सय्याद का दिल टूट गया है मुझ से
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
दिल में शर्मिंदा हैं एहसास-ए-ख़ता रखते हैं
हम गुनहगार हैं पर ख़ौफ़-ए-ख़ुदा रखते हैं
शान-ए-हैदर बेबाक अमरोहवी
ग़ज़ल
उस तरफ़ वो तो इधर हम हैं परेशाँ 'बेबाक'
ख़्वाहिश-ए-दीद किसी तौर न टाली जाए
शान-ए-हैदर बेबाक अमरोहवी
ग़ज़ल
शब को तन्हाई में यादें जो सदा देती हैं
दिल के वीराने में इक शहर बसा देती हैं
