आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shab-e-mahtaab"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "shab-e-mahtaab"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
aaftaab-e-sar-e-shaam
आफ़ताब-ए-सर-ए-शाम آفتاب سر شام
संध्या समय का सूर्य, डूबता हुआ सूरज, वह व्यक्ति जिसका सम्मान उठ जाय। गि
charaaG-e-murda kujaa sham'-e-aaftaab kujaa
चराग़-ए-मुर्दा कुजा शम'-ए-आफ़ताब कुजा چَراغِ مُرْدَہْ کُجا شَمْعِ آفْتاب کُجا
निम्न और उच्च में क्या संबंध
अन्य परिणाम "shab-e-mahtaab"
ग़ज़ल
जुनूँ-आवर शब-ए-महताब थी पी की तमन्ना में
कि बह कर रेल में अश्कों के हम थे सैर-ए-दरिया में
वली उज़लत
ग़ज़ल
शब-ए-माहताब ने शह-नशीं पे अजीब गुल सा खिला दिया
मुझे यूँ लगा किसी हाथ ने मिरे दिल पे तीर चला दिया
मुनीर नियाज़ी
ग़ज़ल
बिखरे हुए गेसू हैं चमकते हुए 'आरिज़
कुछ अब्र का है कुछ शब-ए-महताब का 'आलम
धर्मपाल गुप्ता वफ़ा देहलवी
नज़्म
हिन्द की ये शब-ए-महताब
हिन्द की ये शब-ए-महताब बहुत ख़ूब सही
क़ल्ब-ए-अंजुम का मगर दर्द अभी कम तो नहीं
मसऊद हुसैन ख़ां
ग़ज़ल
इसी रंग-ए-कैफ़-ओ-नशात में शब-ए-माहताब गुज़र गई
कभी लब पे ग़ुंचे चटक उठे कभी रुख़ पे ज़ुल्फ़ बिखर गई
राम कृष्ण मुज़्तर
ग़ज़ल
रुख़-ए-महताब से कुछ भी अयाँ होता रहे लेकिन
ये कारोबार-ए-दुनिया सिर्फ़ अय्यारी से क़ाएम है
