आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "taab-e-zabt"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "taab-e-zabt"
ग़ज़ल
बाक़ी है ताब-ए-ज़ब्त न ताक़त फ़ुग़ाँ की है
हालत बहुत सक़ीम दिल-ए-ना-तवाँ की है
मोहम्मद विलायतुल्लाह
शेर
उठा जो मीना-ब-दस्त साक़ी रही न कुछ ताब-ए-ज़ब्त बाक़ी
तमाम मय-कश पुकार उठ्ठे यहाँ से पहले यहाँ से पहले
शकील बदायूनी
ग़ज़ल
अज़ीज़ क़ादरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "taab-e-zabt"
ग़ज़ल
कमाल-ए-शौक़ में मंज़िल से क़ुर्ब हो तो गया
मज़ा तो जब है कि रफ़्तार तेज़-तर हो जाए
ज़ब्त सीतापुरी
ग़ज़ल
नहीं जो ज़ब्त की तौफ़ीक़ दे ख़ुदा के सिवा
कि लाख ग़म भी हैं उम्र-ए-गुरेज़-पा के सिवा
ज़ब्त अंसारी
ग़ज़ल
वो दोस्तों के अज़ाएम से 'ज़ब्त' क्या बचता
जो दुश्मनों की तरफ़ से भी हुस्न-ए-ज़न में रहा
ज़ब्त अंसारी
ग़ज़ल
शुऊ'र-ए-आगही गोया फ़क़त लफ़्ज़-ओ-बयाँ तक है
है सर-बस्ता अज़ल से आज तक राज़-ए-निहाँ अपना