आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "visaal-e-hijr"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "visaal-e-hijr"
ग़ज़ल
विसाल-ओ-हिज्र की हमें लताफ़तें कहाँ मिलीं
सुकून-ए-क़ल्ब दे सकें वो राहतें कहाँ मिलीं
सुरय्या रहमान
ग़ज़ल
विसाल-ओ-हिज्र के जंजाल में पड़ा हुआ हूँ
में अर्श-ए-रौ कहाँ पाताल में पड़ा हुआ हूँ
हाशिम रज़ा जलालपुरी
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "visaal-e-hijr"
अन्य परिणाम "visaal-e-hijr"
ग़ज़ल
ये विसाल ओ हिज्र का मसअला तो मिरी समझ में न आ सका
कभी कोई मुझ को न पा सका कभी मैं किसी को न पा सका
हिलाल फ़रीद
ग़ज़ल
उम्र हँस-खेल के इस तरह गुज़ारी ऐ 'हिज्र'
दोस्त का दोस्त रहा यार का मैं यार रहा
हिज्र नाज़िम अली ख़ान
ग़ज़ल
बख़्त बरगश्ता वो नाराज़ ज़माना दुश्मन
कोई मेरा है न ऐ 'हिज्र' किसी का मैं हूँ
हिज्र नाज़िम अली ख़ान
शेर
ऐ हिज्र वक़्त टल नहीं सकता है मौत का
लेकिन ये देखना है कि मिट्टी कहाँ की है