आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "visaal-e-sanam"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "visaal-e-sanam"
ग़ज़ल
है वादा-ए-विसाल-ए-सनम की वो सरख़ुशी
हर शय हसीन अब मिरी फ़िक्र-ओ-नज़र में है
हरबंस लाल अनेजा 'जमाल'
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
na KHudaa hii milaa na visaal-e-sanam, na idhar ke hu.e na udhar ke hu.e
न ख़ुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम, न इधर के हुए न उधर के हुए نَہ خُدا ہی مِلا نَہ وِصالِ صَنَم، نَہ اِدَھر کے ہوئے نَہ اُدَھر کے ہوئے
na KHudaa hii milaa na visaal-e-sanam, na idhar ke rahe na udhar ke rahe
न ख़ुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम, न इधर के रहे न उधर के रहे نَہ خُدا ہی مِلا نَہ وِصالِ صَنَم، نَہ اِدَھر کے رَہے نَہ اُدَھر کے رَہے
ऐसा काम किया गया कि हर तरह हानि हुई, कोई काम पूरा नहीं हुआ
अन्य परिणाम "visaal-e-sanam"
ग़ज़ल
मुसव्विर अपने तसव्वुर का ढूँढता है दवाम
न जाम-ए-जम न विसाल-ए-सनम न शोहरत-ओ-नाम
सईदुल ज़फर चुग़ताई
शेर
मिर्ज़ा सादिक़ शरर
नज़्म
अहल-ए-जुनूँ
हम हैं सीमाब-सिफ़त हक़्क़-ओ-सदाक़त की नवीद
मा'बद-ए-ज़ुल्म में नेकी के सनम ढलते हैं
नूर-ए-शमा नूर
शेर
बद-क़िस्मतों को गर हो मयस्सर शब-ए-विसाल
सूरज ग़ुरूब होते ही ज़ाहिर हो नूर-ए-सुब्ह
परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़
ग़ज़ल
बद-क़िस्मतों को गर हो मयस्सर शब-ए-विसाल
सूरज ग़ुरूब होते ही ज़ाहिर हो नूर-व-सुब्ह
परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़
कुल्लियात
हूँ सियह-मस्त-ए-सर-ए-ज़ुल्फ़-ए-सनम मा'ज़ूर रख
शैख़ अगर का'बे से आवे गुफ़्तुगू दरहम करूँ
मीर तक़ी मीर
ग़ज़ल
राह का ख़ौफ़ न अंदेशा-ए-गुमराही है
रहनुमा नक़्श-ए-कफ़-ए-पा-ए-सनम है देखो
मोहम्मद अब्दुल क़ादिर अदीब
ग़ज़ल
ज़र्रा देखा जो कभी मुत्तसिल-ए-महर-ए-फ़लक
मैं ने क़ुर्ब-ए-रुख़-ए-पुर-नूर-ए-सनम तिल समझा
अब्दुल मजीद ख़्वाजा शैदा
नज़्म
लौह-ओ-क़लम
बाक़ी है लहू दिल में तो हर अश्क से पैदा
रंग-ए-लब-ओ-रुख़्सार-ए-सनम करते रहेंगे