आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zaag-e-shab"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "zaag-e-shab"
ग़ज़ल
निशान-ए-ज़ख़्म पे निश्तर-ज़नी जो होने लगी
लहू में ज़ुल्मत-ए-शब उँगलियाँ भिगोने लगी
बद्र-ए-आलम ख़लिश
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
rag-e-sahaab
रग-ए-सहाब رَگِ سَحاب
رک : رگِ ابر .
sag-e-as.haab-e-kahf
सग-ए-असहाब-ए-कहफ़ سَگِ اَصْحابِ کَہْف
वह कुत्ता जो असहाबे कहफ़ के साथ ग़ार में था और एक लंबी अवधि तक आदमियों के साथ रहने के कारण उसमें आदमी के लक्षण और विशेषताएं पैदा हो गई थीं
अन्य परिणाम "zaag-e-shab"
नज़्म
सुब्ह-ए-शब-ए-इंतिज़ार
चराग़ राह में उस के अमल से जलने लगे
लो आज सुब्ह-ए-शब-ए-इंतिज़ार आ ही गई
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
है ज़िक्र-ए-यार क्यूँ शब-ए-ज़िंदाँ से दूर दूर
ऐ हम-नशीं ये तर्ज़ ग़ज़ल का कभी न था
बद्र-ए-आलम ख़लिश
ग़ज़ल
यादों की शब ये कहती है अनवार-ए-सुब्ह से
ज़िंदा नुक़ूश होंगे तसलसुल को तोड़ दो
औलाद-ए-रसूल क़ुद्सी
ग़ज़ल
ये तो सच है कि शब-ए-ग़म को सँवारा तुम ने
चश्म-ए-तर ने भी मिरा साथ निभाया है बहुत
सय्यदा शान-ए-मेराज
ग़ज़ल
सारे दिन करते हैं हम दश्त-ए-तमन्ना का सफ़र
गर्द चेहरे पे लिए शाम को घर आते हैं