aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "जल्वा-नुमा"
गर वो बुत-ए-गुलनार-क़बा जल्वा-नुमा होदें ख़र्क़ा-ए-इस्लाम को अहल-ए-हरम आतिश
का'बे में हो या बुत-ख़ाने में होने को तो सर ख़म होता हैहोता है जहाँ तू जल्वा-नुमा कुछ और ही आलम होता है
ग़म नैरंग दिखाता है हस्ती की जल्वा-नुमाई काकितने ज़मानों का हासिल है इक लम्हा तन्हाई का
जल्वा-नुमाई बेपरवाई हाँ यही रीत जहाँ की हैकब कोई लड़की मन का दरीचा खोल के बाहर झाँकी है
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