आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "Tuk.Daa"
शेर के संबंधित परिणाम "Tuk.Daa"
शेर
रौशन-दान से धूप का टुकड़ा आ कर मेरे पास गिरा
और फिर सूरज ने कोशिश की मुझ से आँख मिलाने की
हुमैरा रहमान
शेर
हमें दुनिया फ़क़त काग़ज़ का इक टुकड़ा समझती है
पतंगों में अगर ढल जाएँ हम तो आसमाँ छू लें
नफ़स अम्बालवी
शेर
गो सग-ए-दुनिया हूँ पर तन्हा-ख़ुरी मुझ में नहीं
टुकड़ा टुकड़ा बाँट खाया जो मयस्सर हो गया
अमान अली सहर लखनवी
शेर
हँस हँस के जवाँ दिल के हम क्यूँ न चुनें टुकड़े
हर शख़्स की क़िस्मत में इनआ'म नहीं होता
मीना कुमारी नाज़
शेर
दर्द बख़्शा चैन छीना दिल के टुकड़े कर दिए
हाए किस ज़ालिम पे मैं ने भी भरोसा कर लिया
अब्दुल्लतीफ़ शौक़
शेर
इक प्यास भरे दिल पर न हुई तासीर तुम्हारी नज़रों की
इक मोम के बे-बस टुकड़े पर ये नाज़ुक ख़ंजर टूट गए
मुईन अहसन जज़्बी
शेर
दिल ही दिल में याँ मोहब्बत अपना घर करती रही
हम रहे ग़ाफ़िल वो सौ टुकड़े जिगर करती रही