आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "alsaataa"
शेर के संबंधित परिणाम "alsaataa"
शेर
जो कुछ पड़ती है सर पर सब उठाता है मोहब्बत में
जहाँ दिल आ गया फिर आदमी मजबूर होता है
लाला माधव राम जौहर
शेर
मैं इक मज़दूर हूँ रोटी की ख़ातिर बोझ उठाता हूँ
मिरी क़िस्मत है बार-ए-हुक्मरानी पुश्त पर रखना
एहतिशामुल हक़ सिद्दीक़ी
शेर
जाने किस रुत में खिलेंगे यहाँ ताबीर के फूल
सोचता रहता हूँ अब ख़्वाब उगाता हुआ मैं
अरशद जमाल सारिम
शेर
ये वो मौसम है जिस में कोई पत्ता भी नहीं हिलता
दिल-ए-तन्हा उठाता है सऊबत शाम-ए-हिज्राँ की
अहमद मुश्ताक़
शेर
मैं किसी जन्म की यादों पे पड़ा पर्दा हूँ
कोई इक लम्हे को इक दम से उठाता है मुझे
अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा
शेर
यही इंसाफ़ तिरे अहद में है ऐ शह-ए-हुस्न
वाजिब-उल-क़त्ल मोहब्बत के गुनहगार हैं सब
असद अली ख़ान क़लक़
शेर
आँगन में ये रात की रानी साँपों का घर काट इसे
कमरा अलबत्ता सूना है कोने में गुलदान लगा
मुज़फ़्फ़र हनफ़ी
शेर
अज़ल से दिल है सज्दा में तिरे अबरू के मस्जिद में
उठाता सर नहीं अब तक नमाज़ी उस को कहते हैं