aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "bore"
बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहोऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो
ख़बर सुन कर मिरे मरने की वो बोले रक़ीबों सेख़ुदा बख़्शे बहुत सी ख़ूबियाँ थीं मरने वाले में
मैं सोचता हूँ बहुत ज़िंदगी के बारे मेंये ज़िंदगी भी मुझे सोच कर न रह जाए
मैं जिन दिनों तिरे बारे में सोचता हूँ बहुतउन्हीं दिनों तो ये दुनिया समझ में आती है
दोस्ती किस से न थी किस से मुझे प्यार न थाजब बुरे वक़्त पे देखा तो कोई यार न था
बुरा बुरे के अलावा भला भी होता हैहर आदमी में कोई दूसरा भी होता है
जिस से पूछें तिरे बारे में यही कहता हैख़ूबसूरत है वफ़ादार नहीं हो सकता
अब तो उस के बारे में तुम जो चाहो वो कह डालोवो अंगड़ाई मेरे कमरे तक तो बड़ी रूहानी थी
एक बोसे के भी नसीब न होंहोंठ इतने भी अब ग़रीब न हों
धमका के बोसे लूँगा रुख़-ए-रश्क-ए-माह काचंदा वसूल होता है साहब दबाव से
मौत के दरिंदे में इक कशिश तो है 'सरवत'लोग कुछ भी कहते हों ख़ुद-कुशी के बारे में
सुना है बोले तो बातों से फूल झड़ते हैंये बात है तो चलो बात कर के देखते हैं
शाख़ें रहीं तो फूल भी पत्ते भी आएँगेये दिन अगर बुरे हैं तो अच्छे भी आएँगे
एक बोसे के तलबगार हैं हमऔर माँगें तो गुनहगार हैं हम
जिस तरह लोग ख़सारे में बहुत सोचते हैंआज कल हम तिरे बारे में बहुत सोचते हैं
मैं ने पूछा कि है क्या शग़्ल तो हँस कर बोलेआज कल हम तेरे मरने की दुआ करते हैं
ऐश के यार तो अग़्यार भी बन जाते हैंदोस्त वो हैं जो बुरे वक़्त में काम आते हैं
वो करे बात तो हर लफ़्ज़ से ख़ुश्बू आएऐसी बोली वही बोले जिसे उर्दू आए
इतना मानूस हूँ सन्नाटे सेकोई बोले तो बुरा लगता है
बोसे अपने आरिज़-ए-गुलफ़ाम केला मुझे दे दे तिरे किस काम के
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