आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "fasiil-e-murda"
शेर के संबंधित परिणाम "fasiil-e-murda"
शेर
न हो एहसास तो सारा जहाँ है बे-हिस-ओ-मुर्दा
गुदाज़-ए-दिल हो तो दुखती रगें मिलती हैं पत्थर में
फ़िराक़ गोरखपुरी
शेर
ज़ाहिद मसूद
शेर
हंगाम-ए-क़नाअ'त दिल-ए-मुर्दा हुआ ज़िंदा
मज़मून-ए-क़ुम ए'जाज़-ए-लब-ए-नान-ए-जवीं था
अहमद हुसैन माइल
शेर
तम्हीद थी जुनूँ की गरेबाँ हुआ जो चाक
यानी ये ख़ैर-मक़्दम-ए-फ़स्ल-ए-बहार था
मुंशी नौबत राय नज़र लखनवी
शेर
इक फ़स्ल-ए-गुल को ले के तही-दस्त क्या करें
आई है फ़स्ल-ए-गुल तो गरेबाँ भी चाहिए