आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "giit"
शेर के संबंधित परिणाम "giit"
शेर
अहल-ए-ज़बाँ तो हैं बहुत कोई नहीं है अहल-ए-दिल
कौन तिरी तरह 'हफ़ीज़' दर्द के गीत गा सके
हफ़ीज़ जालंधरी
शेर
फ़राज़-ए-दार पे भी मैं ने तेरे गीत गाए हैं
बता ऐ ज़िंदगी तू लेगी कब तक इम्तिहाँ मेरा
शिबली नोमानी
शेर
कल ये मुमकिन है कि लहराएँ ख़ुशी के गीत भी
हर नज़र में आज इक ख़ामोश सा आलम सही