aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "kahve"
तुम मोहब्बत को खेल कहते होहम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम परहँस के कहने लगा और आप को आता क्या है
आइना देख के कहते हैं सँवरने वालेआज बे-मौत मरेंगे मिरे मरने वाले
रेख़्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो 'ग़ालिब'कहते हैं अगले ज़माने में कोई 'मीर' भी था
क्या तकल्लुफ़ करें ये कहने मेंजो भी ख़ुश है हम उस से जलते हैं
हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छेकहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ सेतेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से
कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँउन से कितना कुछ कहने की कोशिश की
इस नहीं का कोई इलाज नहींरोज़ कहते हैं आप आज नहीं
दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना हैमिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है
सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैंजिस को देखा ही नहीं उस को ख़ुदा कहते हैं
लोग कहते हैं बदलता है ज़माना सब कोमर्द वो हैं जो ज़माने को बदल देते हैं
कुछ भी बचा न कहने को हर बात हो गईआओ कहीं शराब पिएँ रात हो गई
ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ कोये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं
ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा थाहमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते
लोग कहते हैं मोहब्बत में असर होता हैकौन से शहर में होता है किधर होता है
अब तो घबरा के ये कहते हैं कि मर जाएँगेमर के भी चैन न पाया तो किधर जाएँगे
मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा देये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिजा नहीं है
हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या हैतुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू क्या है
उफ़ वो मरमर से तराशा हुआ शफ़्फ़ाफ़ बदनदेखने वाले उसे ताज-महल कहते हैं
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