आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "katba-e-qabr-e-javaa.n"
शेर के संबंधित परिणाम "katba-e-qabr-e-javaa.n"
शेर
मुर्दमाँ बिसयार होंगे और जा-ए-क़ब्र तंग
क़ब्र की तक़्सीम पर मुर्दों में छिड़ जाएगी जंग
दिलावर फ़िगार
शेर
हमारे ब'अद उस मर्ग-ए-जवाँ को कौन समझेगा
इरादा है कि अपना मर्सिया भी आप ही लिख लें
ख़लील-उर-रहमान आज़मी
शेर
जो पहुँचेंगे तो हम पहुँचेंगे मर कर कू-ए-जानाँ तक
कि जीते-जी कोई जन्नत में दाख़िल हो नहीं सकता
जलील मानिकपूरी
शेर
पीर-ए-मुग़ाँ के पास वो दारू है जिस से 'ज़ौक़'
नामर्द मर्द मर्द-ए-जवाँ-मर्द हो गया
शेख़ इब्राहीम ज़ौक़
शेर
तवाफ़-ए-काबा-ए-दिल कर नियाज़-ओ-ख़ाकसारी सीं
वज़ू दरकार नईं कुछ इस इबादत में तयम्मुम कर
आबरू शाह मुबारक
शेर
ख़रीदारी है शहद ओ शीर ओ क़स्र ओ हूर ओ ग़िल्माँ की
ग़म-ए-दीं भी अगर समझो तो इक धंदा है दुनिया का