आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "khatt-e-istavaa"
शेर के संबंधित परिणाम "khatt-e-istavaa"
शेर
यार ने ख़त्त-ओ-कबूतर के किए हैं टुकड़े
पुर्ज़े काग़ज़ के करें जम्अ' कि पर जम्अ' करें
किशन कुमार वक़ार
शेर
हरगिज़ न मुझ से साफ़ हुआ यार या नसीब
ख़त भी लिखा जो उस ने तो ख़त्त-ए-ग़ुबार में
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
शेर
शायद मिज़ाज हम से मुकद्दर है यार का
लिक्खा है उस ने हम को ब-ख़्त्त-ए-ग़ुबार ख़त
मुंशी देबी प्रसाद सहर बदायुनी
शेर
ऐ मुहिब्बो राह-ए-उल्फ़त में हर इक शय है मबाह
किस ने खींचा है ख़त-ए-हिज्राँ तुम्हारे दरमियाँ
अब्दुल अज़ीज़ ख़ालिद
शेर
वहाँ ज़ेर-ए-बहस आते ख़त-ओ-ख़ाल ओ ख़ू-ए-ख़ूबाँ
ग़म-ए-इश्क़ पर जो 'अनवर' कोई सेमिनार होता