आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "maanind-e-sub.h-o-mehr"
शेर के संबंधित परिणाम "maanind-e-sub.h-o-mehr"
शेर
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
शेर
यूँ अगर झगड़ा मोहब्बत का चुके तो ख़ूब है
हम ज़ियादा चाहें वो ऐ 'मेहर' कम चाहा करें
हातिम अली मेहर
शेर
पौ फटते ही 'रियाज़' जहाँ ख़ुल्द बन गया
ग़िल्मान-ए-महर साथ लिए आई हूर-ए-सुब्ह
परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़
शेर
बद-क़िस्मतों को गर हो मयस्सर शब-ए-विसाल
सूरज ग़ुरूब होते ही ज़ाहिर हो नूर-ए-सुब्ह