आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "pindaa"
शेर के संबंधित परिणाम "pindaa"
शेर
तल्ख़ ओ शीरीं बे-तकल्लुफ़ जिस को पीना आ गया
मय-कशो पीना तो पीना उस को जीना आ गया
मोहम्मद हसन मोहसिन
शेर
रोज़ ही पीना रोज़ पिलाना रोज़ ग़मों से टकराना
इक दिन मय को भूल के आओ गंगा-जल की बात करें