आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "saakhta"
शेर के संबंधित परिणाम "saakhta"
शेर
बनावट वज़्अ'-दारी में हो या बे-साख़्ता-पन में
हमें अंदाज़ वो भाता है जिस में कुछ अदा निकले
इमदाद अली बहर
शेर
सुनी ये बात तो बे-साख़्ता इक दिल-जली बोली
इन्ही के साथ रहना है तो फिर जन्नत में क्या जाना