आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "اسراف"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "اسراف"
ग़ज़ल
इसराफ़ के जो हैं शैदाई शैतान के होते हैं भाई
पैसों का लुटाना आसाँ है पैसों का कमाना मुश्किल है
अतीक़ अहमद जाज़िब
ग़ज़ल
तस्कीन-ए-दिल-ए-महज़ूँ न हुई वो सई-ए-करम फ़रमा भी गए
इस सई-ए-करम को क्या कहिए बहला भी गए तड़पा भी गए
असरार-उल-हक़ मजाज़
ग़ज़ल
कमाल-ए-इश्क़ है दीवाना हो गया हूँ मैं
ये किस के हाथ से दामन छुड़ा रहा हूँ मैं