आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "بعید_وہم_و_خواب"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "بعید_وہم_و_خواب"
ग़ज़ल
गाह क़रीब-ए-शाह-रग गाह बईद-ए-वहम-ओ-ख़्वाब
उस की रफ़ाक़तों में रात हिज्र भी था विसाल भी
परवीन शाकिर
ग़ज़ल
ज़िंदगानी इक हक़ीक़त है नहीं ये वहम-ओ-ख़्वाब
आग है ये आग है इस को धुआँ कैसे कहें
बिर्ज लाल रअना
ग़ज़ल
आज छू लेंगे कोई अर्श मिरे वहम-ओ-गुमाँ
ख़्वाब को नींद की आँखों में मचलने देंगे
अम्बरीन सलाहुद्दीन
ग़ज़ल
ख़्वाब से ख़्वाब में इक उम्र गिरफ़्तार रहा
अब खला ख़्वाब ब-जुज़ वहम-ओ-गुमाँ कुछ भी नहीं
जाफ़र रज़ा
ग़ज़ल
शब ख़्वाब में मोआ'मला उस मह-जबीं से 'ऐश'
वो पट गया जो अपने न वहम-ओ-गुमाँ में था
हकीम आग़ा जान ऐश
ग़ज़ल
तसनीम आबिदी
ग़ज़ल
तू ख़्वाब है एहसास है नग़्मा है कि गुल है
ये कश्मकश-ए-वहम-ओ-गुमाँ मार न डाले