aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "خود_شناسی"
ख़ुद-शनासी ही ख़ुद-परस्ती हैइक मुअ'म्मा बशर की हस्ती है
ख़ुद-शनासी हो तो हर मो'जिज़ा इम्कान में हैएक छोटी सी ख़ुदाई हर इक इंसान में है
कितना आसाँ है मो'तबर होनाकितनी दुश्वार ख़ुद-शनासी है
ख़ुद-नुमाई फ़रेब है 'सादिक़'ख़ुद-शनासी की जुस्तुजू कर लें
क़हक़हों में बड़ी उदासी हैक्या यही चीज़ ख़ुद-शनासी है
ख़ुद-शनासी की इंतिहा को हमइश्क़ की इब्तिदा समझते हैं
ख़ुद-शनासी थी जुस्तुजू तेरीतुझ को ढूँडा तो आप को पाया
ख़ुद-फ़रेबी रहे तो अच्छा हैख़ुद-शनासी तबाह कर देगी
मिरा सहरा है मेरी ख़ुद-शनासीमैं अपनी ख़ामुशी में गूँजता हूँ
यही ख़ुद-शनासी ख़ुदाई हुईख़ुदी मिट गई जब ख़ुदा हो गया
इश्क़ हम इस लिए भी करते रहेये लगातार ख़ुद-शनासी है
हो जो भी ख़ुद-शनासी का ज़रीयामगर 'अब्बाद' आईना नहीं है
ख़ंजर-ए-शिम्र तो वसीला हैख़ुद-शनासी मिटा रही है मुझे
ख़ुद-शनासी मिटाए देता हैऐश इतना भी बे-हिसाब न दे
तुंद झोंके की रगों में घोल कर अपना धुआँइक दिया अंधी हवा को ख़ुद-शनासी दे गया
घुल सी गई रूह में उदासीरास आई न हम को ख़ुद-शनासी
जिस की मेराज ख़ुद-शनासी होहम उसे वस्ल-ए-ज़ात कहते हैं
तुझे जाना तो ये जाना है हम नेत'अल्लुक़ भी है कोई ख़ुद-शनासी
रूह-ए-ख़ुद-शनासी है आदमी की ख़ुद्दारीख़ुद-शनासी-ए-इंसाँ अस्ल-ए-हक़-शनासी है
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