आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "نا_مراد_عشق"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "نا_مراد_عشق"
ग़ज़ल
ख़ुलूस जिस में हो शामिल वो दौर-ए-इश्क़-ओ-हवस
न राएगाँ कभी गुज़रा न राएगाँ गुज़रे
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
तिरे इश्क़ की करामत ये अगर नहीं तो क्या है
कभी बे-अदब न गुज़रा मिरे पास से ज़माना
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
यकसाँ है हुस्न-ओ-इश्क़ की सर-मस्तियों का रंग
उन की ख़बर उन्हें है न मेरी ख़बर मुझे
जिगर मुरादाबादी
ग़ज़ल
इश्क़ ने तेरे न जाने क्या तमाशा कर दिया
एक क़तरा था मैं लेकिन मुझ को दरिया कर दिया