आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "adhuuraa"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "adhuuraa"
ग़ज़ल
आली शेर हो या अफ़्साना या चाहत का ताना बाना
लुत्फ़ अधूरा रह जाता है पूरी बात बता देने से
जलील ’आली’
ग़ज़ल
मुकम्मल ख़ुद तो हो जाते हैं सब किरदार आख़िर में
मगर कम-बख़्त क़ारी को अधूरा छोड़ देते हैं
शुजा ख़ावर
ग़ज़ल
ख़्वाहिशें इतनी बढ़ीं इंसान आधा रह गया
ख़्वाब जो देखा नहीं वो भी अधूरा रह गया
अख़्तर होशियारपुरी
ग़ज़ल
तेरे बिन मुझ को अधूरा सा लगे अपना वजूद
यूँ समा मुझ में मिरा जिस्म मुकम्मल कर दे