आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "arjun"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "arjun"
ग़ज़ल
उस का जिस्म है जैसे हवा में मचलते धान की बाली
उस की शोख़ कटीली नज़रें जैसे अर्जुन के बान
कृष्ण कुमार तूर
ग़ज़ल
क्यों हाथ में अर्जुन के धनुष काँप रहा है
लश्कर में हैं दुश्मन के दिल-ओ-जान से चेहरे